लिहाफ हो जाता है प्यार तेरा
ओढ के लेटता हूँ जब सर्दियो में
नजरो में रखता हूँ तेरी यादो के पन्ने
और पलट लिया करता हूँ उदासियों में
मौसम को यूँ बेकाबू किया न करो
खिल कर गमले की मिट्टियो में
गुनगुनी धूप में छत पे आ कर
बचा लिया करो मुझे सर्दियों में
तेरी दूरी ने बनायी खराशे जिस्म पे
और खरोंचे मेरी हड्डियो में