Showing posts with label नीद. Show all posts
Showing posts with label नीद. Show all posts

Friday, May 8, 2009

नींद से बिछड़ा हूँ मै

एक नींद से बिछड़ा हूँ मै

एक ख्वाब का टुकड़ा हूँ मैं



चील सी उड़ती हवाएं

धूप जैसे चोट खाए

कुछ संग थे जो अरमान वो अरमान बिखरते गए

साथ में बिखरा हूँ मैं



एक नींद से बिछड़ा हूँ

मै एक ख्वाब का टुकड़ा हूँ मैं



हालात गिरते गये

रंगरेज उजड़ते गये

धूप में धुंधले हुए सब श्याम पे ठहरा हूँ मैं ,

रंग का उतरा हूँ मैं



एक नींद से बिछड़ा हूँ मैं

एक ख्वाब का टुकड़ा हूँ मैं