शरीर में टिके रहने की वजह
देती है साथ कोई तमन्ना
एक ख्वाहिश है जो
नही जाती छोड़कर कभी
कोई ख्वाब है जो
कभी रूठता नही
टूटता नही है एक
नशा है जो उम्मीद का
मन के आले में अरमानो का एक दीया है
जो अपनी लौ नही समेटता
एक जिंदगी है जो
कभी मरती नही
और कितनी चाहिये वजहें
इस शरीर में टिके रहने के लिये.