Thursday, October 16, 2008

रात को अलाव में काटा है

रात को अलाव में काटा है

नींद आँखों में गिरती हीं नहीं।

साहिल पे गया था कल शाम को

रेत पे तेरा नाम लिख के आया था.

एक सुकून है तेरे नाम में याद करता हूँ

तो सांस आती है।

रिश्ते टूट कार अलग हो जाते हैं

तो शायद दो रिश्ते बन जाते हैं।

जो आशियाना हम नही बना सके

आजकल मैं उसी में रहता हूँ।

उस बालकनी से दिखता है

समंदर लहरों में मेरा अक्स भटकता है.

6 comments:

मीत said...

बहुत खूब. बहुत ही बढ़िया है भाई.

डॉ .अनुराग said...

बहुत खूब....

रश्मि प्रभा said...

bahut sundar

Avtar Meher Baba said...

Thing of substance are exchanged in Silence- Avtar Meher Baba
Silence speaks louder than words. Avtar Meher Baba is aso known as Mauna Avtar. He remain silent for major part of his life on this planet. His Samadhi is in Ahmednagar (Maharashtra). He had Five Perfect Masters. Shirdi Wale Sai Baba was Chief Perfect Master among them.
Please read Disciurses by Avtar Meher Baba. It is availabel online. Go to google and you will find it.
Jai baba and lots of Love to You and Near and Dear Ones
Yours
Dr. Chandrajiit Singh
chandar30@gmail.com
mazedarindianfoodconcept.blogspot.com
indianfood.blogspot.com
kvkrewa.blogspot.com

DHAROHAR said...

जो आशियाना हम नही बना सके

आजकल मैं उसी में रहता हूँ।

Acha likhja hai aapne, Swagat.

radhasaxena said...

Bahut achchi prastuti .