Thursday, December 31, 2009

बस थोड़ी देर और...

हालाँकि रात के तलवों में
चुभा पाला अभी नुकीला है,

और सुबह जब भी मुंह खोलती है
धुंध उगलती है

वक्त के माथे पर ठंड का एक बड़ा सा गूमड़ है
और पीठ पर कोहरे का भारी बोझ ,

पर फिर भी
वक्त अभी डटा हुआ है
और कहता है सूरज लेकर ही आयेगा ......
नयी ऊर्जा का ,
नये रंग का ,
नये साल का .......

वक्त की इस कोशिश में
मै साथ हूं उसके,
और मै जानता हूँ आप सब भी जरूर होंगे


मुझे, आप सबकों और वक्त कों
इस कोशिश के लिए
शुभकामनाएं ....................


16 comments:

परमजीत बाली said...

सुन्दर रचना लिखी है।बधाई।

आपको तथा आपके परिवार को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।

विनोद कुमार पांडेय said...

रचना तो बस वही पहले की तरह भावपूर्ण और शानदार ओम भाई नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ स्वीकारें!!!

Udan Tashtari said...

सुन्दर!


वर्ष २०१० मे हर माह एक नया हिंदी चिट्ठा किसी नए व्यक्ति से भी शुरू करवाने का संकल्प लें और हिंदी चिट्ठों की संख्या बढ़ाने और विविधता प्रदान करने में योगदान करें।

- यही हिंदी चिट्ठाजगत और हिन्दी की सच्ची सेवा है।-

नववर्ष की बहुत बधाई एवं अनेक शुभकामनाएँ!

समीर लाल
उड़न तश्तरी

Mahfooz Ali said...

आपको तथा आपके परिवार को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।

मनोज कुमार said...

आपको नव वर्ष 2010 की हार्दिक शुभकामनाएं।

योगेश स्वप्न said...

नव वर्ष २०१० की हार्दिक मंगलकामनाएं. ईश्वर २०१० में आपको और आपके परिवार को सुख समृद्धि , धन वैभव ,शांति, भक्ति, और ढेर सारी खुशियाँ प्रदान करें . योगेश वर्मा "स्वप्न"

वन्दना said...

NAV VARSH MANGALMAY HO

धीरज शाह said...

नववर्ष मंगलमय हो व आपको नव वर्ष 2010 की हार्दिक शुभकामनाएं।

सुन्दर व उम्दा रचना ।

AlbelaKhatri.com said...

शानदार............

उम्दा

नव वर्ष अभिनन्दन !

राजकुमार ग्वालानी said...

आप और आपके परिवार को नववर्ष की सादर बधाई
नव वर्ष की नई सुबह

शबनम खान said...

Nav varsh ki dher sari shubhkamnaye............

डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर said...

नये वर्ष की शुभकामनाओं सहित

आपसे अपेक्षा है कि आप हिन्दी के प्रति अपना मोह नहीं त्यागेंगे और ब्लाग संसार में नित सार्थक लेखन के प्रति सचेत रहेंगे।

अपने ब्लाग लेखन को विस्तार देने के साथ-साथ नये लोगों को भी ब्लाग लेखन के प्रति जागरूक कर हिन्दी सेवा में अपना योगदान दें।

आपका लेखन हम सभी को और सार्थकता प्रदान करे, इसी आशा के साथ

डा0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर

जय-जय बुन्देलखण्ड

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

सुन्दर रचना!
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं!

अनूप शुक्ल said...

नया साल मुबारक।

योगेश स्वप्न said...

sunder abhivyakti. nav varsh ki shubhkaamnayen.

Apoorv said...

ओह..और मुझे तो लगा था कि यह मुआ वक्त ही डटा है सूरज के रास्ते मे कोहरे की दीवार बन कर..
खैर आपकी शुभकामनाओं मे हमारे स्वर को भी जगह मिले..इसी आशा के साथ आपको सपरिवार नये साल की मुबारकबाद.