Friday, May 1, 2009

वो जो इमली का पेड़ है!


वो जो इमली का पेड़
तुम्हारे घर के पास है
और जो
तेरे आते-जाते
हाथ हिलाता रहता है
जाओ जाकर गले लगा लो उसको
उसकी शाख पे तूफ़ान आया हुआ है

7 comments:

संध्या आर्य said...

समझ मे नही आयी पर कमाल की अभिव्यक्ति है ..........नाजुक कविता अपने भाव और बुनावट से अतिसुन्दर ........क्या कहू....धन्यावाद

संध्या आर्य said...
This comment has been removed by the author.
raj said...

जाओ जाकर गले लगा लो उसको
...kya kahun?kahne ko kuchh raha nahi....kmaal likha

मुकेश कुमार तिवारी said...

ओम जी,

कविता में अभिव्यक्ती की नवीनता और प्रतीकों के लिये प्रयोगधर्मिता का बहुत ही अच्छा प्रयोग किया है।

सुन्दर अभिव्यक्ती, अद्‍भुत कल्पना।

सादर,

मुकेश कुमार तिवारी

Udan Tashtari said...

कुछ बहुत गहरी बात होगी..फिर फिर पढ़ूँगा.

कंचन सिंह चौहान said...

जाओ जाकर गले लगा लो उसको
उसकी शाख पे तूफ़ान आया हुआ है

bahut khoob...!

SWAPN said...

asha karte hain wo gale lagane aane hi wale honge.